बाराबंकी। जनपद बाराबंकी में एक संगठित भूमाफिया गिरोह द्वारा फर्जी एवं संदिग्ध रियल एस्टेट कंपनियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग, फर्जी रजिस्ट्री और करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन भानु के राष्ट्रीय महासचिव आशु चौधरी ने अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ, जिलाधिकारी बाराबंकी एवं पुलिस अधीक्षक बाराबंकी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच, गैंगस्टर एक्ट, संपत्ति कुर्की और जिलाबदर जैसी कठोर कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन के अनुसार बाराबंकी निवासी आशीष कुमार श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक, R. SONS INFRALAND DEVELOPERS PRIVATE LIMITED, अपने परिजनों एवं सहयोगियों के साथ मिलकर एक संगठित भूमाफिया गिरोह संचालित कर रहे हैं। आरोप है कि गिरोह द्वारा विभिन्न कंपनियों के माध्यम से बिना मानचित्र स्वीकृति के कृषि भूमि की अवैध प्लाटिंग कर भोले-भाले नागरिकों, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों को प्लॉट बेचकर करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही है।
मामले में सबसे गंभीर आरोप ग्राम हड़ौड़ी, तहसील नवाबगंज स्थित खसरा संख्या 421 की भूमि को लेकर लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार कुल 0.187 हेक्टेयर अर्थात लगभग 21000 वर्गफीट भूमि पर प्लाटिंग की गई, जबकि सड़क, नाली एवं विकास कार्यों के लिए भूमि छोड़ने के बाद लगभग 15000 वर्गफीट भूमि ही विक्रय योग्य बचती थी। इसके बावजूद आरोप है कि उक्त कंपनी द्वारा लगभग 32000 वर्गफीट से अधिक भूमि की रजिस्ट्री विभिन्न व्यक्तियों के पक्ष में कर दी गई।
ज्ञापन में कई रजिस्ट्रियों का विवरण भी दिया गया है, जिनमें वर्ष 2017 में अलग-अलग लोगों के नाम 5000-5000 वर्गफीट तक भूमि विक्रय किए जाने का उल्लेख है। आरोप लगाया गया है कि वास्तविक उपलब्ध भूमि से कई गुना अधिक क्षेत्रफल की रजिस्ट्री कर योजनाबद्ध तरीके से आर्थिक अपराध को अंजाम दिया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2017 में भूमि पर बाउंड्रीवाल बनाई गई थी, लेकिन 13 अप्रैल 2025 को कथित रूप से कुछ लोगों द्वारा बाउंड्रीवाल तोड़कर कब्जे का प्रयास किया गया। इसके बाद भूमि अभिलेखों और रजिस्ट्री दस्तावेजों की जांच में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया।
ज्ञापन में उपनिबंधक कार्यालय एवं संबंधित विभागों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि सरकारी अभिलेख उपलब्ध होने के बावजूद वास्तविक भूमि का सत्यापन किए बिना रजिस्ट्रियां पंजीकृत की गईं, जो विभागीय मिलीभगत और भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।
इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन भानु ने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त भूमाफिया गिरोह अब बाराबंकी के शुक्लई, सुल्तानपुर एवं पल्हरी क्षेत्रों में भी अपनी सक्रियता तेजी से बढ़ा रहा है। संगठन का कहना है कि इन क्षेत्रों में भी अवैध प्लाटिंग, संदिग्ध भूमि खरीद-फरोख्त एवं आम लोगों को भ्रमित कर निवेश कराने की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं, जिससे भविष्य में बड़े स्तर पर भूमि विवाद एवं आर्थिक ठगी की आशंका उत्पन्न हो गई है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि इन क्षेत्रों में संचालित सभी परियोजनाओं एवं भूमि सौदों की भी तत्काल जांच कराई जाए।
आशु चौधरी ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध शाखा या एसआईटी से कराई जाए तथा आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, गिरोहबंद अधिनियम, संपत्ति कुर्की, जिलाबदर और अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी अवैध प्लाटिंग स्थलों को सील कर पीड़ित नागरिकों को उनके भूखंड दिलाने की मांग भी की गई है।
भारतीय किसान यूनियन भानु ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित नागरिकों को न्याय नहीं मिला तो कंपनी कार्यालय से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सभी पीड़ितों को उनकी मेहनत की कमाई से खरीदे गए भूखंड नहीं मिल जाते।