बाराबंकी रेलवे स्टेशन से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। उत्सर्ग एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान एक दंपती हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल है। सबसे मार्मिक बात यह रही कि घटना के वक्त उनके तीन मासूम बच्चे प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे और अपने माता-पिता को इस हालत में देखकर रोते-बिलखते रहे।
गुरुवार रात बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर उत्सर्ग एक्सप्रेस में सवार होने के दौरान यह दर्दनाक हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार आजमगढ़ निवासी 32 वर्षीय मनोज कुमार अपनी पत्नी वंदना और तीन बच्चों के साथ लखनऊ से आजमगढ़ जा रहे थे। परिवार के पास जनरल कोच का टिकट था, लेकिन भीषण गर्मी और अत्यधिक भीड़ के कारण बच्चों को परेशानी हो रही थी।
बताया जा रहा है कि बाराबंकी स्टेशन पर ट्रेन रुकने के दौरान मनोज अपने परिवार के साथ स्लीपर कोच में चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। पत्नी और बच्चे किसी तरह कोच में पहुंच गए, लेकिन जैसे ही मनोज ट्रेन में चढ़ने लगे, ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली। चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान उनका पैर फिसल गया और वह ट्रेन व पटरी के बीच जा गिरे। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पति को गिरता देख कोच के दरवाजे पर खड़ी पत्नी वंदना उसे बचाने के लिए नीचे की ओर झपट पड़ीं, लेकिन वह भी ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिर गईं। हादसे में उनका एक पैर कट गया और अत्यधिक रक्तस्राव होने से उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई। रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
हादसे के समय दंपती के तीनों मासूम बच्चे—7 वर्षीय हिमांशी, 4 वर्षीय स्नेहा और 6 माह का आंशिक—प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे। अपने माता-पिता को खून से लथपथ हालत में देखकर बच्चे बुरी तरह घबरा गए और फूट-फूटकर रोने लगे। यह दृश्य देखकर स्टेशन पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
हादसे के बाद यात्रियों के शोर मचाने पर ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोका गया। रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की जांच में जुटा है। यह हादसा एक बार फिर चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के खतरों को उजागर करता है।