बाराबंकी। लोनी कटरा क्षेत्र के शिवनाम फूटहा गांव निवासी 22 वर्षीय मनीष पासवान की 1 अक्टूबर को मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
परिजनों के अनुसार मनीष का अपनी पत्नी से अक्सर विवाद होता था, जिसके चलते वह परेशान रहता था। करीब 22 दिन पहले उसकी पत्नी भी मुंबई गई थी और वहां अपने बहनोई के साथ रह रही थी। परिजनों का कहना है कि घटना से पहले मनीष ने अपनी मां से फोन पर बातचीत की थी। बातचीत के दौरान उसने मां से गांव वापस आने की इच्छा जताई थी।
परिजनों का आरोप है कि इसके बाद रात में मनीष की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मुंबई में पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद उसकी पत्नी और बहनोई शव लेकर शनिवार को गांव पहुंचे। शव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने मौत को लेकर सवाल उठाते हुए हंगामा किया और पुलिस जांच पूरी होने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
परिजनों ने मांग की कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जाए और संदेह के घेरे में आने वाले लोगों से पूछताछ की जाए। उनका कहना है कि जब तक मौत की वास्तविक वजह सामने नहीं आती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कराने का भरोसा दिया। फिलहाल पुलिस मामले की परिस्थितियों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। मौत की वास्तविक वजह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।